नई दिल्ली, 26 फरवरी। मेडिकल अनफिट के आधार पर कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी देने के रास्ते बंद हो गए हैं। एपेक्स जेसीसी (Apex JCC) की बैठक में कोल इंडिया (CIL) प्रबंधन की दो टूक से यह स्पष्ट हो गया है। दरअसल नवम्बर, 2017 से ही सीआईएल प्रबंधन ने इस पर ओघोषित तौर पर रोक लगा रखी है।
मंगलवार को सीआईएल मुख्यालय में एपेक्स जेसीसी की बैठक हुई। इसमें श्रमिक संगठनों के नेताओं ने मेडिकल अनफिट (Medical Unfit) का मुद्दा उठाया। कोल इंडिया प्रबंधन ने मेडिकल अनफिट के आधार पर कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी देने की मांग ठुकरा दी है। प्रबंधन ने कहा कि इस आधार पर नौकरी देना संभव नहीं है। यह योजना वर्षों पहले बंद हो चुकी है। लेकिन, कर्मियों की मृत्यु हो जाने पर आश्रितों को नौकरी देने का प्रावधान जारी रहेगा। प्रबंधन ने यह भी कहा कि इस संदर्भ में संसद को भी जानकारी दी जा चुकी है।
एपेक्स जेसीसी में सीआईएल प्रबंधन का जवाब यह दर्शाता है कि वो राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता (NCWA) के प्रावधानों को ठेंगा दिखाते हुए इसके विपरित जाकर काम कर सकता है। एनसीडब्ल्यूए का 9.4.0 प्रावधान प्रभावशील है। इसके तहत ही अनफिट कामगारों के आश्रितों को नियोजित किए जाने का प्रावधान है, लेकिन 18 नवम्बर, 2017 से मेडिकल अनफिट का लाभ नहीं दिया जा रहा है।
यह मुद्दा सात सालों से निरंतर उठ रहा है। मजे की बात यह है कि कोयला मंत्री ने संसद में बताया था कि चिकित्सा बोर्ड में चिकित्सकीय रूप से किसी भी कामगार को अयोग्य घोषित नहीं किया गया है।
कोयला मंत्री का संसद में दिया गया जवाब
2 दिसम्बर, 2024 को संसद सत्र के दौरान आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने मेडिकल अनफिट के मुद्दे पर सवाल किया था, जो इस प्रकार :
क्या कोयला मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे किः (क) वर्ष 2018 से लेकर अब तक राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते की धारा 9.4.0 के द्वारा कोल इंडिया के तहत अपैक्स मेडिकल बोर्ड का कितनी बार गठन हुआ है, यदि नहीं, तो इसके क्या कारण है;
(ख) यदि इसका गठन नहीं हुआ है तो कोल इंडिया द्वारा मेडिकली अनफिट व्यक्तियों के परिवारजनों को नियोजित करने हेतु क्या कदम उठाए गए हैः और
(ग) वर्ष 2018 से लेकर अब तक कोल इंडिया द्वारा कितने मेडिकली अनफिट कर्मियों के परिवारजनों को नियोजित किया गया है?
उत्तर कोयला एवं खान मंत्री (जी. किशन रेड्डी) :
(क) : वर्ष 2018 से, कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) में राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते की धारा 9.4.0 के तहत 3 (तीन) शीर्ष चिकित्सा बोर्डों का गठन किया गया है।
(ख) : उपर्युक्त के अलावा, विनिर्दिष्ट बीमारियों से पीड़ित गैर-कार्यपालक संवर्ग के कर्मचारियो को शीर्ष चिकित्सा चोर्ड द्वारा फिट घोषित किए जाने तक प्रति माह वेतन की 50 प्रतिशत की दर पर “विशेष अवकाश“ प्रदान करने का प्रावधान दिनांक 01.07.2016 से बढ़ा दिया गया है और यह 01.07.2021 से बाद के राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते (एनसीडब्ल्यूए)- XI में अभी भी जारी है। उपर्युक्त के अलावा, सीआईएल (इसकी सहायक कंपनियों सहित) के सभी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को चिकित्सा उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है।
(ग) : सीआईएल और इसकी सहायक कंपनियों के किसी भी कर्मचारी को 2018 से आयोजित शीर्ष चिकित्सा बोर्ड में चिकित्सकीय रूप से अयोग्य घोषित नहीं किया गया है।
संसद संजय सिंह ने 10 फरवरी, 2025 को भी संसद में इस मुद्दे को उठाया था।